चन्द्रशेखर व्यास पिछले 18 वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़े है। उन्होंने न्युज 18 राजस्थान, इंडिया टीवी न्यूज, नवभारत टाईम्स, टीवी 9 सहित कई संस्थानों में सेवाएं दी है। विधि की पत्रकारिता क्षेत्र में सलमान खान, आसाराम, भंवरी हत्याकांड सहित कई बड़े मामलों में रिपोर्टिंग की है। इसके अलावा नारी उत्थान को लेकर भी इनकी खबरें नींव का पत्थर साबित हुई है। कई मामलों में हाईकोंर्ट ने इनकी खबरों पर संज्ञान लेकर रिर्पोटेबल जजमेंट सुनाएं है।
पुष्पा देवी बल्दवा के ब्यावर नगर परिषद सभापति निर्वाचित होने पर माहेश्वरी समाज सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों और प्रबुद्धजनों द्वारा बधाई देने का सिलसिला लगातार जारी है। इसी क्रम में जोधपुर माहेश्वरी समाज के प्रमुख समाजसेवी प्रहलाद बजाज ने ब्यावर पहुंचकर नवनिर्वाचित सभापति पुष्पा देवी बल्दवा एवं उनके पति, वरिष्ठ भाजपा नेता जयकिशन बल्दवा से आत्मीय शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान समाज सेवी ताराचंद गौड, पवन सारस्वत भी मौजूद रहे।
मुलाकात के दौरान समाजसेवी प्रहलाद बजाज ने राजस्थानी परंपरा और संस्कृति का निर्वहन करते हुए उन्हें साफा (पगड़ी) पहनाकर एवं शॉल ओढ़ाकर भावभीना अभिनंदन किया। साथ ही, पुष्पगुच्छ भेंट कर नगर परिषद सभापति के रूप में उनके सफल और लोककल्याणकारी कार्यकाल की मंगलकामनाएं व्यक्त कीं। इस दौरान शहर के सर्वांगीण विकास, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और सामाजिक समरसता को लेकर भी सार्थक चर्चा हुई। यह खबर भी पढ़ें – OIL Organises IEW 2027 Curtain Raiser Programme in Jodhpurhttps://jodhpurtodaynews.com/archives/343
गौरतलब है कि पुष्पा देवी बल्दवा के पति जयकिशन बल्दवा ब्यावर क्षेत्र के कद्दावर एवं वरिष्ठ भाजपा नेता हैं। वे लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी से निष्ठापूर्वक जुड़े हुए हैं और पूर्व में ब्यावर भाजपा जिलाध्यक्ष का दायित्व भी सफलतापूर्वक संभाल चुके हैं। संगठन में उनकी गहरी और मजबूत पकड़ मानी जाती है। कार्यकर्ताओं के सुख-दुख में सदैव तत्पर रहने और जमीनी स्तर पर जनसंवाद बनाए रखने के कारण क्षेत्र में उनकी विशिष्ट पहचान सर्वविदित है।
इस अवसर पर उपस्थित प्रबुद्धजनों ने विश्वास जताया कि पुष्पा देवी बल्दवा के नेतृत्व में ब्यावर नगर परिषद जनसेवा और शहर के सुनियोजित विकास के नए आयाम स्थापित करेगी। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय कार्यकर्ता और समाज के कई गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे।
Energy Security, Sustainability and Innovation Take Centre Stage
Jodhpur, September 28, 2026: Oil India Limited (OIL) organised the live relay of the Curtain Raiser Event of India Energy Week (IEW) 2027 in Jodhpur, bringing together representatives from the government, energy industry, academia, media and other key stakeholders.
The programme was organised as part of OIL’s initiatives associated with the Curtain Raiser of India Energy Week 2027, which will be held in Kolkata. The Jodhpur programme provided stakeholders an opportunity to participate in the larger national dialogue on India’s evolving energy landscape.
Shri Saloma Yomdo, Director (Exploration & Development), Oil India Limited, graced the occasion and addressed the gathering. In his address, he highlighted the importance of India Energy Week as a platform for bringing together stakeholders from across the energy sector to promote dialogue, innovation and collaboration.
The event focused on several key issues shaping India’s energy future, including energy security, sustainability, technological innovation and energy transition. Participants discussed the importance of developing solutions that can support India’s growing energy requirements while simultaneously addressing the need for cleaner and more sustainable energy systems.
Focus on Energy Security and Transition
India’s energy requirements are expected to remain an important component of the country’s economic growth. Against this backdrop, platforms such as India Energy Week provide opportunities for industry representatives, policymakers, researchers and other stakeholders to exchange ideas and discuss emerging challenges and opportunities in the energy sector.
The Jodhpur programme also highlighted the growing importance of collaboration among government institutions, energy companies, academic organisations and other stakeholders. Such partnerships are considered important for encouraging innovation, developing new technologies and supporting the transition towards a more sustainable energy future.
The discussions also underlined the need to balance India’s expanding energy demand with long-term sustainability goals. Technological advancement and innovation are expected to play an important role in enabling the energy sector to respond to these changing requirements.
Jodhpur Programme Part of Wider OIL Initiative
The event in Jodhpur formed part of OIL’s simultaneous initiatives being organised in connection with the Curtain Raiser of India Energy Week 2027. The main Curtain Raiser programme will be held in Kolkata.
Through the programme, Oil India Limited reaffirmed its commitment to contributing to India’s energy security and strengthening engagement with stakeholders across the sector.
The event provided a platform for participants in Jodhpur to connect with the broader national conversation on the future of energy in India. It also highlighted the importance of cooperation, innovation and sustainable solutions as the country works towards meeting its expanding energy needs.
India Energy Week continues to provide a platform for discussions around the changing energy landscape, emerging technologies and the transition towards cleaner and more resilient energy systems. The Jodhpur programme reflected these broader priorities and brought the national energy dialogue closer to stakeholders in the region.
जोधपुर। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) जोधपुर के परिवार के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण आया है। विभाग के अधिकारी नरपत को उनकी वीरता और साहस के लिए ‘पुलिस पदक (शौर्य)’ से सम्मानित किया जाना प्रस्तावित है.
अदम्य साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण (घनश्याम सोनी)
नरपत के इस सम्मान पर एनसीबी जोधपुर के जोनल डायरेक्टर घनश्याम सोनी, आईआरएस ने गर्व व्यक्त किया है. विभाग की ओर से उनके अदम्य साहस, वीरता, त्याग और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण को नमन किया गया है.
सुरक्षा बलों के लिए प्रेरणा
अधिकारियों ने बताया कि नरपत की यह उपलब्धि न केवल एनसीबी जोधपुर परिवार के लिए, बल्कि देश के समस्त सुरक्षा बलों के लिए अत्यंत गर्व का विषय है. यह देश की सुरक्षा में तैनात हर अधिकारी और जवान के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत है.
एनसीबी जोधपुर की ओर से दी गई बधाई
इस उपलब्धि पर एनसीबी जोधपुर परिवार और जोनल डायरेक्टर घनश्याम सोनी की ओर से नरपत को हार्दिक बधाई दी गई है. विभाग की ओर से उनके उज्ज्वल भविष्य और राष्ट्र की सेवा में निरंतर सफलता प्राप्त करने के लिए शुभकामनाएं दी गई हैं.
जोधपुर जिले में प्रशासनिक बदलाव के बाद अब चुनावी बिगुल बजने की तैयारी है। जिले की चार नई नगर पालिकाओं में पहली बार अध्यक्ष और वार्डों के लिए आरक्षण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
अब नगर निगम के साथ-साथ 6 नगर पालिकाएं
जोधपुर जिले में अब नगर निगम के साथ-साथ 6 नगर पालिकाएं हो गई हैं। इनमें भोपालगढ़, बालेसर, तिंवरी और मथानिया को पंचायत से क्रमोन्नत कर नगर पालिका का दर्जा दिया गया है। प्रशासनिक दृष्टि से यह एक बड़ा बदलाव है, जिसके बाद अब इन क्षेत्रों में पहली बार निकाय चुनाव कराए जाएंगे। इन चुनाव के साथ ही पहली बार इन चारों निकायों में अध्यक्ष और वार्डों के लिए कैटेगरी रिजर्व की जाएगी।
नए निकायों में चुनावी सरगर्मी
प्रशासनिक रूप से क्रमोन्नत होने के बाद, इन चार निकायों—भोपालगढ़, बालेसर, तिंवरी और मथानिया—में चुनाव की प्रक्रिया अब अपने महत्वपूर्ण चरण में है। स्थानीय लोगों और संभावित उम्मीदवारों के लिए यह एक नई चुनौती और अवसर है, क्योंकि यहाँ पहली बार नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव होगा।
आरक्षण का ‘फॉर्मूला’ और निकाय प्रमुख के पद
राज्य स्तर पर कुल 309 शहरी निकाय हैं। इस बार आरक्षण के लिए जो नया फॉर्मूला लागू किया गया है, उसके तहत: OBC वर्ग: 60 निकाय प्रमुखों के पद OBC वर्ग के लिए आरक्षित किए जाएंगे। SC वर्ग: 50 निकायों में SC वर्ग के लिए निकाय प्रमुख का पद आरक्षित है। ST वर्ग: 11 निकायों में ST वर्ग के लिए निकाय प्रमुख का पद आरक्षित किया गया है। आरक्षण की इस प्रक्रिया में महिलाओं के लिए निर्धारित प्रावधानों को भी सख्ती से लागू किया जा रहा है। इसका अर्थ यह है कि SC, ST और OBC वर्ग के लिए आरक्षित निकायों में महिला आरक्षण का प्रावधान अनिवार्य होगा। इसके साथ ही, सामान्य वर्ग की सीटों पर भी महिला आरक्षण के तहत निकाय प्रमुख तय किए जाएंगे।
सीट आरक्षित होने का मतलब क्या है? (आरक्षण का गणित)
आरक्षण को लेकर अक्सर असमंजस की स्थिति रहती है, लेकिन स्पष्ट नियमों के अनुसार इसका वर्गीकरण इस प्रकार है: 1. अनारक्षित ओपन (General Open): इन सीटों पर सामान्य वर्ग के अलावा भी किसी भी वर्ग का व्यक्ति प्रत्याशी बन सकता है। यहाँ महिला या पुरुष कोई भी दावेदार हो सकता है। 2. अनारक्षित महिला (Unreserved Female): इन सीटों पर सामान्य वर्ग के अलावा किसी भी वर्ग की महिलाओं को ही प्रत्याशी बनाया जा सकता है। 3. OBC ओपन (OBC Open): इन सीटों पर OBC वर्ग से पुरुष या महिला, कोई भी प्रत्याशी बन सकता है। 4. OBC महिला (OBC Female): ये सीटें केवल OBC महिलाओं की दावेदारी के लिए सुरक्षित हैं। 5. SC ओपन (SC Open): इन सीटों पर अनुसूचित जाति (SC) से पुरुष या महिला कोई भी प्रत्याशी बन सकता है। 6. SC महिला (SC Female): इन सीटों पर केवल अनुसूचित जाति (SC) की महिला प्रत्याशी ही चुनाव लड़ सकती है। 7. ST ओपन (ST Open): इन सीटों पर अनुसूचित जनजाति (ST) से पुरुष या महिला, कोई भी प्रत्याशी बनाया जा सकता है। 8. ST महिला (ST Female): इन सीटों पर केवल अनुसूचित जनजाति (ST) की महिला को ही प्रत्याशी बनाया जा सकता है।
चुनावी तैयारी का महत्व
इन चार निकायों में पहली बार चुनाव होने से स्थानीय राजनीति में बदलाव की उम्मीद है। वार्डों के आरक्षण और अध्यक्ष पद के आरक्षण की स्थिति साफ होने के बाद ही चुनावी गठबंधन और प्रत्याशियों के नामों पर अंतिम मुहर लगेगी। फिलहाल, सभी राजनीतिक दलों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इन नए निकायों में किस प्रकार का आरक्षण समीकरण बनता है और किन वर्गों के उम्मीदवारों को मुख्य मुकाबला लड़ने का मौका मिलता है।
बनाड़ क्षेत्र में पोर्टेबल मशीन से किया जा रहा था अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण, 50 हजार नकद और मशीन बरामद
जोधपुर। युगावर्त व्यास।
जोधपुर में अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण के खिलाफ पीसीपीएनडीटी (PCPNDT) सेल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बनाड़ थाना क्षेत्र स्थित एक नर्सिंग होम संचालक को कथित रूप से रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पर पोर्टेबल मोबाइल अल्ट्रासाउंड मशीन के माध्यम से गर्भस्थ शिशु का लिंग परीक्षण करने का आरोप है। कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके से एक गर्भवती महिला, पोर्टेबल मशीन तथा ₹50 हजार की नकद राशि बरामद की है।जोधपुर मुख्य चिकित्सा अधिकारी सुरेन्द्रसिंह शेखावत के निर्देशन में जोधपुर पीसीपीएनडीटी टीम ने इस मामले की सूचना मिलते ही गंभीरता से लिया और इस सूचना की पुष्टि करते हुए जयपुर उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया।
यह है मशीन जो मोबाइल पर लिंग परिक्षण करती है।
पोर्टेबल मशीन कैसे करती है काम?
जांच में बरामद पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड डिवाइस आकार में सामान्य सोनोग्राफी मशीन की तुलना में काफी छोटा होता है। इसमें एक हैंडहेल्ड अल्ट्रासाउंड प्रोब (स्कैनर) होता है, जो केबल या वायर के माध्यम से मोबाइल फोन या टैबलेट से जुड़ जाता है। मोबाइल में इंस्टॉल विशेष एप्लिकेशन स्क्रीन (डिस्प्ले) का कार्य करता है। जब प्रोब को गर्भवती महिला के पेट पर चलाया जाता है तो यह सामान्य अल्ट्रासाउंड की तरह भ्रूण की तस्वीरें प्रदर्शित करता है। हालांकि, यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि किसी भी उपकरण का उपयोग भ्रूण का लिंग जानने या बताने के लिए करना भारत में PCPNDT Act के तहत पूरी तरह प्रतिबंधित और दंडनीय अपराध है।
मुखबिर की सूचना पर जाल बिछाया
बनाड़ स्थित श्री सागर नर्सिंग होम के संचालक ओम प्रकाश चौधरी के खिलाफ पीसीपीएनडीटी सेल को लगातार भ्रूण लिंग परीक्षण कराने की शिकायतें मिल रही थीं। सूचना की पुष्टि मुखबिर के माध्यम से करने के बाद अधिकारियों को अवगत कराया गया। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में विशेष टीम का गठन कर योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की गई।
आरोपी ओमप्रकाश चौधरी
रंगे हाथों गिरफ्तारी
टीम ने गुरुवार रात कार्रवाई करते हुए आरोपी को कथित रूप से भ्रूण लिंग परीक्षण करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। मौके से पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन, ₹50 हजार नकद और संबंधित अन्य सामग्री जब्त की गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह राशि गर्भवती महिला से लिंग परीक्षण के एवज में ली गई थी। मामले में जब्त सामग्री की जांच की जा रही है।
कार्यवाही करने वाली टीम।
जांच जारी
पीसीपीएनडीटी सेल अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी कब से इस अवैध गतिविधि में संलिप्त था और उसके नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है तथा साक्ष्यों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रातानाडा स्थित माहेश्वरी जनोपयोगी भवन में शुक्रवार से तीन दिवसीय मारवाड़ मुद्रा प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। मारवाड़ कॉइन सोसायटी के तत्वावधान में आयोजित इस प्रदर्शनी का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारत की प्राचीन मुद्रा विरासत, ऐतिहासिक सिक्कों और दुर्लभ संग्रहों से परिचित कराना है। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर पुराने सिक्कों और नोटों की खरीद-फरोख्त के नाम पर हो रही ठगी के प्रति आमजन को जागरूक करना भी इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य है।
देशभर के 60 से अधिक कलेक्टर्स लगाएंगे स्टॉल
मारवाड़ कॉइन सोसायटी के पदाधिकारी आर.एस. विश्नोई और प्रेम कवाड़ ने बताया कि प्रदर्शनी में देशभर से 60 से अधिक कॉइन कलेक्टर्स अपने संग्रह के साथ भाग लेंगे। प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में आगंतुकों को प्राचीन सिक्के, कागजी मुद्रा, मेडल, डाक टिकट, ऐतिहासिक पेंटिंग तथा विभिन्न एंटीक वस्तुओं का दुर्लभ संग्रह देखने का अवसर मिलेगा। विशेष रूप से विद्यार्थियों और युवाओं को भारतीय मुद्रा के इतिहास और उसके महत्व की जानकारी दी जाएगी।
प्रदर्शनी के दौरान एक विशेष जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। इसमें लोगों को बताया जाएगा कि सोशल मीडिया पर पुराने सिक्कों और नोटों को लाखों रुपये में खरीदने का लालच देकर किस प्रकार ठगी की जा रही है। सोसायटी आमजन को समझाएगी कि ठग रजिस्ट्रेशन शुल्क, फाइल चार्ज या अन्य बहानों से पैसे ऐंठते हैं और बाद में संपर्क समाप्त कर देते हैं। इस तरह के फर्जी ऑफर्स से बचने के लिए लोगों को जरूरी सावधानियां भी बताई जाएंगी।
5 रुपये के ट्रैक्टर नोट और 786 सीरीज के नाम पर ठगी का खुलासा
सोसायटी के अनुसार सोशल मीडिया पर 5 रुपये के ट्रैक्टर वाले नोट, 786 सीरीज के नोट, गैंडे वाली चवन्नी और वैष्णो देवी वाले सिक्कों के नाम पर भारी कीमत मिलने का दावा कर लोगों को भ्रमित किया जाता है। ठग आरबीआई के नाम पर फर्जी प्रमाण-पत्र तैयार कराने, रजिस्ट्रेशन फीस जमा कराने या फाइल चार्ज देने के नाम पर रुपए मांगते हैं। प्रदर्शनी में इन सभी तरीकों की जानकारी देकर लोगों को सतर्क किया जाएगा ताकि वे किसी भी ऑनलाइन ठगी का शिकार न हों।
मुद्रा संग्रहण की सही जानकारी भी मिलेगी
प्रदर्शनी में केवल दुर्लभ संग्रह ही नहीं, बल्कि मुद्रा शास्त्र (न्यूमिस्मैटिक्स) की बारीकियों पर भी जानकारी दी जाएगी। विशेषज्ञ आगंतुकों को बताएंगे कि पुराने सिक्कों और नोटों का सही तरीके से संरक्षण कैसे किया जाए, उनकी ऐतिहासिक और संग्रहणीय महत्ता क्या होती है तथा किसी भी दुर्लभ मुद्रा का वास्तविक मूल्यांकन किन आधारों पर किया जाता है। आयोजकों का मानना है कि यह प्रदर्शनी इतिहास, संस्कृति और जागरूकता का अनूठा संगम साबित होगी।
जोधपुर के राईकाबाग रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि स्टेशन परिसर में खड़ी एक मोटरसाइकिल के बैग में बम रखा हुआ है।
कंट्रोल रूम को मिली बम होने की सूचना
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के विभिन्न विभाग तत्काल सक्रिय हो गए। मौके पर उदयमंदिर थाना पुलिस, बम निरोधक दस्ता (Bomb Squad), डॉग स्क्वायड, एम्बुलेंस तथा दमकल की टीमें पहुंचीं और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर जांच शुरू की गई।
संदिग्ध मोटरसाइकिल के बैग की पहले मेटल डिटेक्टर से जांच की गई। बैग में रखे डिब्बे में धातु (मेटल) होने की पुष्टि होने के बाद सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए विशेष क्रेन/ग्रैबर उपकरण की सहायता से बॉक्स को बाहर निकाला गया।
हालांकि, बॉक्स खोलने पर उसमें कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली। बाद में स्पष्ट हुआ कि यह पूरी कार्रवाई एक मॉक ड्रिल थी, जिसका उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में विभिन्न विभागों की तैयारियों और रिस्पॉन्स टाइम का आकलन करना था।
विभिन्न विभागों का रिस्पॉन्स टाइम किया गया रिकॉर्ड
इस मॉक ड्रिल के दौरान पुलिस, बम स्क्वायड, डॉग स्क्वायड, फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस और अन्य संबंधित एजेंसियों के मौके पर पहुंचने तथा कार्रवाई करने के समय का रिकॉर्ड तैयार किया गया, ताकि भविष्य में किसी वास्तविक आपात स्थिति में और अधिक प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके।
राजकीय नर्सिंग महाविद्यालय, जोधपुर के विद्यार्थियों ने अंगदान को जन-जन तक पहुंचाने और इसे जन-जागरण अभियान का स्वरूप देने के उद्देश्य से मंगलवार को मथुरादास माथुर (एमडीएम) अस्पताल परिसर में प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया। नाटक के माध्यम से आमजन को अंगदान के महत्व, इसकी प्रक्रिया और ब्रेन डेथ के बाद अंगदान से कई लोगों का जीवन बचाए जाने संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
अंगदान से कई लोगों को मिल सकता है नया जीवन
राजकीय नर्सिंग महाविद्यालय के प्रधानाचार्य मुकेश तेतरवाल ने बताया कि अंगदान एक ऐसा मानवीय कार्य है, जिसके माध्यम से व्यक्ति इस दुनिया से जाने के बाद भी कई लोगों के जीवन में नई उम्मीद जगा सकता है। उन्होंने कहा कि एक छोटा-सा संकल्प भविष्य में कई जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन देने का माध्यम बन सकता है। किसी का हृदय धड़कता रहे, किसी की आंखों में फिर से रोशनी आए या किसी को नया जीवन मिले, यह अंगदान के माध्यम से संभव है।
नुक्कड़ नाटक के जरिए दी महत्वपूर्ण जानकारी
अंगदान जागरूकता अभियान के तहत आयोजित इस नुक्कड़ नाटक में नर्सिंग छात्र-छात्राओं ने प्रभावशाली अभिनय के माध्यम से लोगों को बताया कि ब्रेन डेथ को कानूनी और चिकित्सकीय रूप से मृत्यु माना जाता है। ऐसे मामलों में परिजनों की सहमति से अंगदान कर कई जरूरतमंद मरीजों की जान बचाई जा सकती है।
कार्यक्रम का संचालन ज्योति पूनावत, सगुफ्ता सैयद तथा महाविद्यालय के फैकल्टी सदस्यों और विद्यार्थियों के सहयोग से किया गया। नाटक को देखने के लिए अस्पताल परिसर में मौजूद मरीजों, उनके परिजनों और आमजन ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।
वरिष्ठ चिकित्सकों ने किया प्रेरित
कार्यक्रम में एस.एन. मेडिकल कॉलेज, जोधपुर के प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक डॉ. बी.एस. जोधा तथा एमडीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. विकास राजपुरोहित विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों, फैकल्टी और आमजन को संबोधित करते हुए कहा कि अंगदान एक महान मानवीय सेवा है, जो किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन देने का अवसर प्रदान करती है।
उन्होंने लोगों से अंगदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने और अधिक से अधिक लोगों को इसके लिए जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज में फैली भ्रांतियों को दूर कर अंगदान के प्रति विश्वास और जागरूकता बढ़ाना समय की आवश्यकता है।
अंगदान–महादान’ का लिया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में नर्सिंग छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ “अंगदान–महादान” का संदेश समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का संकल्प लिया। महाविद्यालय प्रशासन ने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ-साथ लोगों को जीवन बचाने जैसे महान कार्य के लिए प्रेरित करते हैं। कॉलेज प्रशासन ने भविष्य में भी अंगदान सहित विभिन्न स्वास्थ्य विषयों पर जन-जागरूकता अभियान लगातार चलाने की बात कही।
काम की तलाश में ढाका से पहुंची थी राजस्थान, पूछताछ जारी। अजमेर में बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ अभियान के दौरान बड़ी कार्रवाई
अजमेर। युगावर्त व्यास।
अजमेर। राजस्थान के अजमेर जिले में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान और उनके खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर अजमेर पहुंची एक बांग्लादेशी महिला को डिटेन कर डिटेंशन सेंटर भेज दिया है। प्रारंभिक पूछताछ में महिला ने स्वयं स्वीकार किया है कि वह बांग्लादेश से अवैध रूप से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर भारत में दाखिल हुई थी और काम की तलाश में विभिन्न शहरों से होते हुए अजमेर पहुंची। इस कार्रवाई के साथ ही अजमेर पुलिस द्वारा अब तक 58 अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा जा चुका है। यह इस अभियान के तहत पुलिस की 25वीं कार्रवाई बताई जा रही है।
विशेष टीम ने होटल से किया डिटेन
पुलिस के अनुसार, अजमेर जिले में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की धरपकड़ के लिए जिला पुलिस और सीआईडी (विशेष शाखा) की संयुक्त टीम लगातार अभियान चला रही है। 14 जुलाई 2026 को पुलिस थाना कृष्णगंज को सूचना मिली कि क्षेत्र में एक संदिग्ध महिला ठहरी हुई है, जिसके बांग्लादेशी नागरिक होने की आशंका है। सूचना मिलते ही कृष्णगंज थाना पुलिस और सीआईडी (विशेष शाखा) जोन अजमेर की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए कृष्णगंज क्षेत्र स्थित विनायक होटल से महिला को डिटेन कर लिया।
पूछताछ के दौरान महिला की पहचान मीम अख्तर (28 वर्ष) पुत्री अब्दुल सत्तार निवासी चंडिपाशा, पोस्ट ऑफिस कोदालिया, थाना पांकुदिया, जिला किशोरगंज, ढाका (बांग्लादेश) के रूप में हुई। प्रारंभिक पूछताछ में महिला ने स्वीकार किया कि वह अवैध रूप से सीमा पार कर बांग्लादेश से भारत आई थी। उसने बताया कि वह जून 2026 के दौरान भारत में दाखिल हुई और रोजगार की तलाश में अलग-अलग राज्यों एवं शहरों में घूमती रही।
जयपुर और ब्यावर होते हुए पहुंची अजमेर
पुलिस के अनुसार, महिला ने पूछताछ में बताया कि भारत आने के बाद वह पहले अन्य स्थानों पर रही और बाद में जयपुर पहुंची। वहां से वह ब्यावर होते हुए 14 जुलाई को अजमेर पहुंची। महिला ने यह भी स्वीकार किया कि भारत पहुंचने में उसे करीब एक माह का समय लगा। फिलहाल पुलिस उसके भारत आने के पूरे रूट, संपर्कों और संभावित सहयोगियों के संबंध में गहन पूछताछ कर रही है।
डिटेंशन सेंटर भेजी गई महिला
प्राथमिक पूछताछ पूरी होने के बाद पुलिस ने महिला को नियमानुसार डिटेंशन सेंटर भेज दिया है। अब सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि महिला ने भारत में प्रवेश के दौरान किसकी सहायता ली, किन-किन स्थानों पर रुकी और उसका उद्देश्य केवल रोजगार की तलाश था या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि जिले में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत तलाशी के दौरान कृष्णगंज क्षेत्र से मीम अख्तर नामक महिला को डिटेन किया गया। उन्होंने बताया कि पूछताछ में महिला ने स्वीकार किया है कि उसने स्वयं अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर अवैध रूप से भारत में प्रवेश किया था। वह काम की तलाश में पहले जयपुर और फिर ब्यावर होते हुए अजमेर पहुंची थी। पुलिस उसके पूरे यात्रा मार्ग और संपर्कों की जांच कर रही है।
58 बांग्लादेशी नागरिक पकड़े जा चुके
अजमेर पुलिस के अनुसार, जिले में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान के लिए लगातार सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। अब तक इस अभियान में 58 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा जा चुका है। वर्तमान कार्रवाई इस विशेष अभियान की 25वीं कार्रवाई है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां होटल, किराये के मकानों, श्रमिक बस्तियों तथा अन्य संभावित स्थानों पर लगातार सत्यापन अभियान चला रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी यह अभियान जारी रहेगा और अवैध रूप से भारत में रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
आईफोन के नाम पर ग्राहक को मिला डुप्लिकेट फोन, उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला। जोधपुर से जुड़ा अहम फैसला, उपभोक्ता को मिली बड़ी राहत।
जोधपुर। चन्द्रशेखर व्यास,
ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म अमेजन को असली आईफोन के नाम पर डुप्लिकेट मोबाइल फोन बेचने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग (प्रथम), जोधपुर ने बड़ा झटका दिया है। आयोग ने अमेजन के खिलाफ अनुचित व्यापार व्यवहार मानते हुए 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही पीड़ित उपभोक्ता को मोबाइल की पूरी कीमत ब्याज सहित लौटाने और मानसिक प्रताड़ना के लिए अलग से मुआवजा देने के आदेश भी जारी किए हैं।
31,999 रुपये में खरीदा था आईफोन
मामले के अनुसार जोधपुर निवासी कविता कटारिया ने जनवरी 2019 में अमेजन से 31,999 रुपये में एप्पल आईफोन-7 खरीदा था। डिलीवरी के बाद मोबाइल फोन में तकनीकी खराबियां सामने आईं। इसके बाद उन्होंने फोन को जोधपुर स्थित अधिकृत एप्पल सर्विस सेंटर पर जांच के लिए भेजा।
जांच में सामने आया बड़ा खुलासा।
एप्पल कंपनी और अधिकृत सर्विस सेंटर की तकनीकी जांच में पता चला कि संबंधित मोबाइल मूल आईफोन नहीं था। जांच रिपोर्ट के अनुसार फोन में दूसरी कंपनी के पार्ट्स लगाकर उसे असेंबल किया गया था। यह खुलासा होने के बाद उपभोक्ता ने जिला उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।
मामले की सुनवाई आयोग के अध्यक्ष राजकुमार सुथार एवं सदस्य दिलशाद अली की पीठ ने की। आयोग ने अपने आदेश में कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म द्वारा असली उत्पाद के नाम पर डुप्लिकेट या असेंबल सामान बेचना उपभोक्ताओं के विश्वास के साथ धोखा है। इसे गंभीर सेवा दोष और अनुचित व्यापार व्यवहार माना गया।
आयोग ने अमेजन को निर्देश दिया कि वह दो माह के भीतर मोबाइल की कीमत 31,999 रुपये तथा सर्विस चार्ज के 1,600 रुपये जून 2019 से 6 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज सहित उपभोक्ता को लौटाए। इसके अलावा मानसिक संताप के लिए 10,000 रुपये तथा वाद व्यय के रूप में 11,000 रुपये का भुगतान भी किया जाए।
1 लाख का जुर्माना उपभोक्ता कल्याण कोष में जमा होगा।
आयोग ने अमेजन पर लगाए गए 1,00,000 रुपये के जुर्माने को राजस्थान उपभोक्ता कल्याण कोष, जयपुर में जमा कराने का आदेश दिया है। साथ ही कंपनी को भविष्य में इस प्रकार की धोखाधड़ी या अनुचित व्यापार प्रथाओं से बचने की सख्त चेतावनी भी दी गई है। यह फैसला ऑनलाइन खरीदारी करने वाले उपभोक्ताओं के अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।