
जोधपुर, 23 जून। जोधपुर में प्रस्तावित एलिवेटेड रोड को लेकर सियासी घमासान लगातार तेज होता जा रहा है। एक ओर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इस परियोजना की मंजूरी का श्रेय अपने प्रयासों को दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत इसे केंद्र सरकार की उपलब्धि बता रहे हैं। दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर अब खुलकर सामने आने लगा है।
मंगलवार को जोधपुर दौरे पर आए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए दावा किया कि एलिवेटेड रोड परियोजना को गति दिलाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि जब उनकी सरकार इस परियोजना पर काम कर रही थी, तब सबसे बड़ी चुनौती इसकी डिजाइन और तकनीकी स्वीकृति को लेकर थी।
गहलोत ने बताया कि एलिवेटेड रोड की डिजाइन और तकनीकी पहलुओं पर काम करने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की एजेंसियों और नेशनल हाईवे अथॉरिटी के इंजीनियरों के पास थी। ऐसे में उन्होंने तत्कालीन केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर हस्तक्षेप का आग्रह किया था।
उन्होंने कहा, “मैंने नितिन गडकरी जी को पत्र लिखा था। उन्होंने मेरे पत्र पर तुरंत सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और काम आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया। गडकरी जी अच्छे इंसान हैं। उन्होंने बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के परियोजना को आगे बढ़ाने में सहयोग किया।”
पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इसी पहल और प्रयास के कारण परियोजना को आवश्यक स्वीकृतियां मिलीं और काम आगे बढ़ सका। इसी आधार पर उन्होंने कहा कि एलिवेटेड रोड के पीछे उनके प्रयासों की बड़ी भूमिका रही है।
श्रेय लेने पर नहीं आपत्ति, लेकिन राजनीति पर सवाल
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर निशाना साधते हुए गहलोत ने कहा कि यदि वे इस परियोजना का श्रेय लेना चाहते हैं तो उन्हें उससे कोई आपत्ति नहीं है।
उन्होंने कहा, “वे मंत्री हैं, स्वाभाविक है कि श्रेय लेना चाहेंगे। मुझे इसमें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन गलत और गंदी राजनीति नहीं करनी चाहिए। जनता सब जानती है कि किसने कब और क्या प्रयास किए हैं।”
शेखावत के बयान के बाद बढ़ा विवाद
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले इसी सर्किट हाउस में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने अशोक गहलोत पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया था कि “जोधपुर शहर को पिछड़ा रखने का पाप अशोक गहलोत ने किया है।”
शेखावत के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया था और अब गहलोत ने भी जवाबी हमला करते हुए एलिवेटेड रोड परियोजना को लेकर अपना पक्ष मजबूती से रखा है।
श्रेय की लड़ाई बनी चर्चा का विषय
जोधपुर की बहुप्रतीक्षित एलिवेटेड रोड अभी निर्माण से पहले ही राजनीतिक बहस का केंद्र बन गई है। शहर के विकास से जुड़ी इस परियोजना पर कांग्रेस और भाजपा के दो बड़े नेताओं के बीच श्रेय की जंग लगातार तेज होती नजर आ रही है। आने वाले दिनों1 में यह मुद्दा स्थानीय राजनीति का प्रमुख विषय बना रह सकता है, क्योंकि दोनों पक्ष जनता के सामने अपनी-अपनी भूमिका को प्रमुखता से रखने में जुटे हुए हैं।
चन्द्रशेखर व्यास पिछले 18 वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़े है। उन्होंने न्युज 18 राजस्थान, इंडिया टीवी न्यूज, नवभारत टाईम्स, टीवी 9 सहित कई संस्थानों में सेवाएं दी है। विधि की पत्रकारिता क्षेत्र में सलमान खान, आसाराम, भंवरी हत्याकांड सहित कई बड़े मामलों में रिपोर्टिंग की है। इसके अलावा नारी उत्थान को लेकर भी इनकी खबरें नींव का पत्थर साबित हुई है। कई मामलों में हाईकोंर्ट ने इनकी खबरों पर संज्ञान लेकर रिर्पोटेबल जजमेंट सुनाएं है।
