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ओसियां: खुले नाले से लगातार हादसे, सैकड़ों वाहन गिरने के बाद भी नहीं जागा प्रशासन

फोटो : मनीष ओझा।

रेलवे स्टेशन के आगे तिंवरी रोड पर ओझा स्वीट होम के सामने बना खुला नाला बना जानलेवा, ग्राम पंचायत और PWD एक-दूसरे पर डाल रहे जिम्मेदारी।

ओसियां। कस्बे के रेलवे स्टेशन के आगे से मेला मैदान तिंवरी रोड की ओर जाने वाले मार्ग पर. ओझा स्वीट होम के सामने रेलवे की दीवार के पास स्थित खुला नाला. लगातार हादसों को न्योता दे रहा है. स्थानीय लोगों के अनुसार इस नाले में अब तक कई दोपहिया और अन्य वाहन गिर चुके हैं. जबकि कई राहगीर घायल हो चुके हैं. इसके बावजूद संबंधित विभागों की ओर से न तो नाले को ढकने की पहल की गई है और न ही स्थायी समाधान किया गया है.

जिम्मेदारी से बच रहे विभाग

स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस समस्या के समाधान को लेकर, विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। ग्राम पंचायत का कहना है कि यह क्षेत्र सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के अधीन आता है. जबकि PWD इसे ग्राम पंचायत का क्षेत्र बताकर, अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है. विभागों के इस रवैये का खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है.

हर दिन बना रहता है हादसे का डर

यह मार्ग कस्बे का व्यस्त रास्ता है. जहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग और वाहन गुजरते हैं. रात के समय और बरसात में यह खुला नाला और भी खतरनाक हो जाता है. पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, बैरिकेडिंग या चेतावनी संकेत नहीं होने से दुर्घटना की आशंका लगातार बनी रहती है.

जनता ने उठाए सवाल

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब लगातार हादसे हो रहे हैं. तो आखिर प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार क्यों कर रहा है? लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है. कि संबंधित विभाग की जिम्मेदारी तत्काल तय कर. नाले को ढकने अथवा उसकी मरम्मत का स्थायी समाधान कराया जाए. ताकि भविष्य में किसी की जान जोखिम में न पड़े.

प्रशासन से कार्रवाई की मांग

क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है. कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया. तो जनहित में आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा. लोगों का कहना है कि प्रशासनिक उदासीनता अब सीधे लोगों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन चुकी है. इस पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई आवश्यक है।

श्रद्धांजलि या लापरवाही? करोड़ों के सौंदर्याकरण में शहीद बालमुकुंद बिस्सा की प्रतिमा ही ओझल, इंजीनियरिंग पर उठे सवाल।

जोधपुर। युगावर्त व्यास।

जालोरी गेट चौराहे पर स्वतंत्रता सेनानी शहीद बालमुकुंद बिस्सा की प्रतिमा के आसपास बनाए जा रहे सौंदर्याकरण कार्य ने श्रद्धांजलि से ज्यादा शहीद का अपमान कर दिया है। प्रतिमा के ऊपर बनाई जा रही छतरी की ऊंचाई और डिजाइन ऐसी है कि अब दूर से देखने पर शहीद का चेहरा ही नजर नहीं आता। ऐसे में शहरवासियों का सवाल है कि यदि सौंदर्याकरण का नतीजा शहीद की पहचान छिपाना है, तो आखिर यह काम किसके लिए किया जा रहा है?

धूप-बारिश से बचाने का तर्क, लेकिन चेहरा ही हो गया गायब


जोधपुर विकास प्राधिकरण (JDA) का कहना है कि प्रतिमा को धूप और बारिश से सुरक्षित रखने के लिए छतरी बनाई जा रही है। लेकिन लोगों का कहना है कि सुरक्षा के नाम पर ऐसा ढांचा खड़ा कर दिया गया जिसने प्रतिमा की गरिमा और दृश्यता दोनों को प्रभावित कर दिया।

NHAI ने भी जताई थी आपत्ति


जानकारी के अनुसार, यहां प्रस्तावित एलिवेटेड रोड को देखते हुए NHAI ने भी इस निर्माण पर आपत्ति जताई थी। आशंका थी कि भविष्य में यह संरचना परियोजना में बाधा बन सकती है। इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रखा गया। अब सवाल उठ रहा है कि क्या संबंधित विभागों के बीच समन्वय की कमी का खामियाजा शहर को भुगतना पड़ेगा?

इंजीनियरिंग या केवल ठेकेदारी?


यदि डिजाइन बनने से पहले एक बार भी प्रतिमा की दृश्यता का परीक्षण किया जाता, तो शायद आज यह स्थिति नहीं बनती। ऐसा प्रतीत होता है कि ड्रॉइंग पर हस्ताक्षर तो हो गए, लेकिन किसी ने यह देखने की जरूरत नहीं समझी कि शहीद का चेहरा जनता को दिखाई भी देगा या नहीं। करोड़ों रुपये के विकास कार्यों में यदि संवेदनशीलता और व्यावहारिक सोच का अभाव रहेगा, तो ऐसे सवाल उठना स्वाभाविक हैं।

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कौन थे शहीद बालमुकुंद बिस्सा?


शहीद बालमुकुंद बिस्सा का जन्म 24 दिसंबर 1908 को नागौर जिले के डीडवाना क्षेत्र के पीलवा गांव में हुआ था। वे महात्मा गांधी के विचारों से प्रेरित होकर स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े। 1934 में जोधपुर में चरखा एजेंसी और खादी भंडार की स्थापना की। उनकी “जवाहर खादी” दुकान स्वतंत्रता सेनानियों की गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनी।
1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। जेल में कैदियों के अधिकारों के लिए उन्होंने भूख हड़ताल की। बिगड़ती तबीयत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां मात्र 34 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। देश के लिए उनके बलिदान के कारण उन्हें राजस्थान का “जतिन दास” भी कहा जाता है।

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जनता पूछ रही है…


शहर का विकास जरूरी है, लेकिन क्या विकास की कीमत शहीदों की गरिमा से चुकाई जानी चाहिए? अब निगाहें JDA पर हैं कि क्या वह इस डिजाइन पर पुनर्विचार करेगा या फिर शहीद की प्रतिमा यूं ही छतरी के पीछे छिपी रहेगी।

रिपोर्टर — युगावर्त व्यास।
फोटो — विजय सांखला।

समय रहते कर ले आवश्यक कार्य।

जोधपुर। युगावर्त व्यास।

जोधपुर शहर में बिजली की लाइनों के रखरखाव का कार्य जारी है। जिसके कारण लगातार अलग—अलग इलाकों में बिजली कटौती कर कार्य किया जा रहा है। इसी के क्रम में आज शहर के विभिन्न इलाकों मे चार घण्टे बिजली कटौती प्रस्तावित है। बिजली विभाग के अधिकारियों ने इसकों लेकर जानकारी जारी करते हुए बताया कि चार घण्टे कटौती के बाद बिजली सुचारू रूप से शुरू कर दी जाएंगी

इस समय होगी बिजली कटौती।
बिजली विभाग की ओर से जारी की गई विज्ञप्ति के अनुसार शहर में बिजली कटौती सुबह 6 बजे से 10 बजे तक व 8 बजे से 11 बजे तक विभिन्न इलाकों में बिजली कटौती की जाएंगी।

सुबह 6 बजे से 10 बजे तक इन इलाकों में नही आएंगी बिजली।
गांधी नगर, सज्जून नगर, शिवाजी नगर, मियां का बेरा, बलदेव नगर, बापू नगर,सेठा सांवरियां नगर,शिव सागर, आर्य नगर, मन्दिर वाला बेरा, भादवा बेरा, मान नगर, मेघ विहार, बाबा रामदेव नगर, कृष्णा नगर, विनायक विहार सहित 11 केवी गांधी नगर ​फीडर से संबंधित इलाकों में सुबह 6 बजे से 10 बजे तक बिजली कटौती रहेंगी।

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सुबह 8 बजे से 11 बजे तक इन क्षेत्रों में नही आएंगी बिजली।
शहर के आदित्य द्वारकाधीश, श्याम बाग, मानपुरा नैनोमेक्स टॉउनशिप, दुधवालों की ढ़ाणी, उचियारड़ा गांव, नैनो की ढ़ाणी सहित 33/11 केवी उचियारड़ा सब स्टेशन से जुड़े सभी इलाकों में सुबह 8 बजे से 11 बजे तक बिजली आपूर्ति ठप्प रहेंगी।

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ग्राउंड रिपोर्ट: जोधपुर टूडे की टीम पहुंची पलासनी

पुणे के चर्चित उद्यमी केतन अग्रवाल हत्याकांड की गूंज अब जोधपुर जिले तक पहुंच गई है। मामले में गिरफ्तार चेतन चौधरी का पैतृक गांव जोधपुर के निकट स्थित पलासनी है। इस बहुचर्चित मामले के बाद जोधपुर टूडे न्यूज की टीम गांव पहुंची और ग्रामीणों से बातचीत कर परिवार और गांव की पृष्ठभूमि को समझने का प्रयास किया

ग्रामीणों ने बताया परिवार का सामाजिक रिकॉर्ड
ग्रामीणों का कहना है कि चेतन चौधरी के दादा गांव के सम्मानित और सज्जन व्यक्तियों में गिने जाते थे। उनके निधन पर पूरे गांव ने एकजुट होकर श्रद्धांजलि दी थी। गांव के लोगों का कहना है कि परिवार की सामाजिक छवि हमेशा अच्छी रही है और उन्हें विश्वास करना मुश्किल हो रहा है कि चेतन ऐसा कदम उठा सकता है।

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ग्रामीणों को है विश्वास कि जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई’
ग्रामीणों ने कहा कि फिलहाल मामला जांच के अधीन है। ऐसे में पुलिस और न्यायालय पर पूरा भरोसा है। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच के बाद ही “दूध का दूध और पानी का पानी” हो जाएगा और सच्चाई सभी के सामने आ जाएगी।

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पुणे में हुआ जन्म, 34 वर्षों से वहीं रह रहा परिवार

ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि चेतन चौधरी का जन्म गांव में नहीं बल्कि पुणे में हुआ था। उसके परिवार का गांव से केवल पैतृक संबंध है। ग्रामीणों के अनुसार परिवार पिछले करीब 34 वर्षों से पुणे में रह रहा है। चेतन के पिता वहां किराना दुकान संचालित करते हैं। परिवार में चार बहनें हैं, जिनमें से तीन की शादी हो चुकी है, जबकि एक की शादी होना बाकी है।

क्रिकेट का शौकीन था चेतन
ग्रामीणों ने बताया कि चेतन चौधरी को क्रिकेट खेलने का बेहद शौक था। उसने विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेकर 50 से अधिक मेडल भी हासिल किए थे। गांव के लोग उसके खेल प्रेम का अक्सर जिक्र करते हैं।

हत्या के मामले में पुणे पुलिस कर रही जांच।
गौरतलब है कि पुणे के उद्यमी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में पुणे पुलिस ने चेतन चौधरी और उसकी गर्लफ्रेंड को गिरफ्तार किया है। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

रिपोर्ट – गिरीश शर्मा।

भीलवाड़ा। सरकारी दफ्तरों में अक्सर कहा जाता है कि “फाइल तभी चलती है, जब जेब हल्की हो।” लेकिन भीलवाड़ा में एक पटवारी के लिए यही सोच भारी पड़ गई। फौतगी नामांतरण के बदले कथित रूप से रिश्वत मांगने वाले पटवारी को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
एसीबी के अनुसार करेडा तहसील के चिलेश्वर पटवार हल्के में कार्यरत पटवारी लोकेश जोशी पर परिवादी से उसके दिवंगत पिता की कृषि भूमि का फौतगी नामांतरण खोलने की एवज में 10 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है। बातचीत के बाद सौदा 8 हजार रुपये में तय हुआ। आरोप है कि पटवारी पहले ही 5 हजार रुपये ले चुका था, जबकि शेष राशि के लिए लगातार दबाव बना रहा था।

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शिकायत मिलने पर एसीबी ने रिश्वत मांग का सत्यापन कराया। इसके बाद बिछाए गए जाल में आरोपी ने परिवादी से 1,000 रुपये लेकर अपनी लोअर की जेब में रख लिए। तभी एसीबी टीम ने उसे दबोच लिया और रिश्वत की राशि बरामद कर ली। पूछताछ के दौरान आरोपी ने शेष 1,000 रुपये बाद में लेने की भी बात स्वीकार की थी

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यह कार्रवाई एसीबी अजमेर रेंज के उप महानिरीक्षक नारायण टोगस के सुपरवीजन में भीलवाड़ा प्रथम इकाई के उप अधीक्षक पारसमल के नेतृत्व में की गई। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच जारी है।
यह कार्रवाई एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि आमजन के वैध और संवेदनशील कार्य भी यदि रिश्वत के बिना नहीं हो रहे हैं, तो व्यवस्था पर भरोसा कैसे कायम रहेगा? हालांकि एसीबी की कार्रवाई यह संदेश भी देती है कि “रिश्वत की रकम चाहे छोटी हो या बड़ी, कानून के शिकंजे से बचना आसान नहीं।”

जोधपुर, जिले में रविवार, 28 जून 2026 से राष्ट्रीय पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया जाएगा। अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग 481222 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी।

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मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेंद्र सिंह शेखावत व डिप्टी सीएमएचओ महेंद्र सिंह कच्छवाह ने बताया कि अभियान के दौरान जिले के सभी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित पोलियो बूथों पर बच्चों को पोलियो की खुराक दी जाएगी। इसके पश्चात आगामी दिनों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को भी पोलियो की दवा पिलाई जाएगी

अभियान के सफल संचालन हेतु प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी, एएनएम, आशा सहयोगिनी एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता नियुक्त किए गए हैं। साथ ही पर्याप्त संख्या में सुपरवाइजर, 237 ट्रांजिट टीम एवं 517 मोबाइल टीमों की तैनाती की गई है, जो अभियान की सतत निगरानी एवं क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगी।

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जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को निकटतम पोलियो बूथ पर अवश्य लेकर आएं तथा पोलियो की खुराक पिलाकर अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें।

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अभियान के दौरान जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी तथा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे।

*“दो बूंद जिंदगी की” – हर बच्चे को, हर बार।*

जोधपुर। हर्षित जोशी,
भारत की प्राचीन तांत्रिक परंपरा एवं प्रसिद्ध शक्तिपीठ कामाख्या धाम से जुड़े कपालिक अघोरी साधक श्री ज्योतिरगुरु विकास महाराजजी का त्रिदिवसीय आध्यात्मिक प्रवास भीड़भंजन बालाजी मंदिर, मसूरिया में आयोजित होने जा रहा है। इस आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं एवं साधकों में विशेष उत्साह का वातावरण है।

आध्यात्मिक परंपराओं के संरक्षण एवं प्रसार में उनका महत्वपूर्ण योगदान।
ज्योतिरगुरु विकास महाराजजी वर्षों से तंत्र, मंत्र एवं भैरव साधना के क्षेत्र में साधनारत हैं। उन्होंने देश के विभिन्न सिद्धपीठों, शक्तिपीठों एवं तपस्थलों में साधना कर आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त किए हैं। विशेष रूप से भैरव उपासना, शक्ति साधना एवं सनातन आध्यात्मिक परंपराओं के संरक्षण एवं प्रसार में उनका महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है।

आत्मशक्ति जागरण से संबंधित महत्वपूर्ण ज्ञान करेंगे प्रदान।
तीन दिवसीय प्रवास के दौरान गुरुजी द्वारा आध्यात्मिक प्रवचन, तंत्र साधना की मूल अवधारणाओं पर मार्गदर्शन, भैरव उपासना के महत्व तथा जीवन में आध्यात्मिक संतुलन स्थापित करने के उपायों पर विशेष चर्चा की जाएगी। भक्तों को साधना, संयम, सेवा एवं आत्मशक्ति जागरण से संबंधित महत्वपूर्ण ज्ञान प्रदान किया जाएगा।

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कार्यक्रम के दौरान विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों को होगा आयोजन।
कार्यक्रम के अंतर्गत भजन-कीर्तन, हवन-पूजन, विशेष आरती एवं धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन भी होगा। श्रद्धालुओं को गुरुजी के सानिध्य में धर्म, अध्यात्म एवं साधना के गूढ़ विषयों को समझने का अवसर प्राप्त होगा।

​बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का होगा जमावड़।
आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सनातन परंपरा, शक्ति उपासना एवं भैरव साधना के प्रति जनजागरण का भी माध्यम बनेगा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं साधकों के उपस्थित रहने की संभावना है।

भीड़ भंजन बालाजी बनेंगा सकारात्मक उर्जा का केन्द्र।
श्रद्धालुओं का विश्वास है कि ज्योतिरगुरु विकास महाराजजी के आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, मानसिक शांति, आध्यात्मिक उन्नति तथा सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा।
जोधपुर भीड़ भजन बालजी मंदिर पहुंचने पर भीड़ भजन बालाजी के प्रमुख भक्तो ने व बालाजी मंदिर मे बनी कृष्ण गो शाला मे स्वागत सम्मान किया जाएंगा।

ओसियां (जोधपुर)। मनीष ओझा,
माँ सच्चियाय की पावन धरा ओसियां में मंगलवार रात्रि को माहेश्वरी प्रीमियर लीग (MPL-2026) का भव्य शुभारंभ हुआ। फ्लड लाइट्स की रोशनी में आयोजित उद्घाटन समारोह में बड़ी संख्या में खेल प्रेमियों, युवाओं एवं ग्रामीणों की मौजूदगी ने आयोजन को उत्साहपूर्ण बना दिया।

​विधायक रविन्द्रसिंह भाटी ने किया उद्घाटन।
प्रतियोगिता का शुभारंभ शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने किया। इस अवसर पर उन्होंने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने का संदेश दिया। विधायक भाटी ने कहा कि खेल युवाओं के व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। खेल अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना विकसित करते हैं, इसलिए युवाओं को अधिक से अधिक खेल गतिविधियों से जुड़ना चाहिए।

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कार्यक्रम में यह लोग रहे मौजूद।
समारोह में पूर्व कैबिनेट मंत्री शंभूसिंह खेतासर, समाजसेवी भगवानदास राठी, माहेश्वरी समाज संस्थान के अध्यक्ष भंवरलाल सोनी, निवर्तमान सरपंच संतोषकंवर भाटी एवं युवा समाजसेवी चक्रवर्ती सिंह खेतासर सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

हर किसी ने कार्यक्रम की सराहना की।
अतिथियों ने आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करती हैं। प्रतियोगिता के दौरान क्षेत्र की विभिन्न टीमें अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी।
आयोजन समिति के संयोजक राहुल चाण्डक एवं मनीष चाण्डक ने सभी अतिथियों, खिलाड़ियों और दर्शकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता के आगामी मुकाबले प्रतिदिन रात्रि में खेले जाएंगे और खेल प्रेमियों को रोमांचक क्रिकेट देखने का अवसर मिलेगा।

विधायक रविन्द्रसिंह भाटी ने युवाओं को खेल से जुड़ने का किया आह्वान।
कार्यक्रम के दौरान विधायक रविन्द्रसिंह भाटी ने युवाओं को खेल से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहां कि खेल शरीर को स्वस्थ रखने का काम करता है और एक स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है।
उद्घाटन समारोह के साथ ही MPL-2026 का क्रिकेट महाकुंभ पूरे उत्साह और जोश के साथ शुरू हो गया।

ओसियां। जोधपुर जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने मंगलवार को अपनी अलग कार्यशैली का एक और उदाहरण पेश करते हुए बिना किसी पूर्व सूचना के ओसियां पहुंचकर पूरे प्रशासनिक तंत्र को चौंका दिया। उनके इस सरप्राइज निरीक्षण ने कुछ देर के लिए पुलिस, प्रशासन और आम लोगों में हलचल मचा दी।

दरअसल, विश्व प्रसिद्ध सच्चियाय माता मंदिर में बम मिलने की सूचना प्रसारित होते ही प्रशासनिक मशीनरी हरकत में आ गई। पुलिस, बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड, दमकल और चिकित्सा विभाग की टीमें सायरन बजाती हुई मंदिर पहुंचने लगीं। मंदिर परिसर को तत्काल खाली करवाया गया और सुरक्षा एजेंसियों ने मोर्चा संभाल लिया।

लेकिन इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा सरप्राइज तब सामने आया, जब मौके पर स्वयं जिला कलेक्टर आलोक रंजन पहुंच गए। अधिकारियों ने जैसे ही उन्हें देखा, उन्हें समझ आ गया कि यह कोई वास्तविक आपदा नहीं बल्कि जिला कलेक्टर द्वारा आयोजित एक सरप्राइज मॉक ड्रिल है।

कलेक्टर ने किसी भी विभाग को पहले से भनक नहीं लगने दी। उनका उद्देश्य था कि वास्तविक आपात स्थिति में प्रशासन कितनी तेजी और गंभीरता से प्रतिक्रिया देता है, इसकी जमीनी हकीकत को परखा जाए। यही कारण रहा कि सभी विभागों का रिस्पॉन्स टाइम, समन्वय और कार्यप्रणाली वास्तविक परिस्थितियों में जांची जा सकी।

सूत्रों के अनुसार, सूचना मिलते ही सबसे पहले ओसियां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालने का कार्य शुरू किया। इसके बाद अन्य विभागों की टीमें भी पहुंचती गईं। जिला कलेक्टर ने पूरे घटनाक्रम की बारीकी से निगरानी की और विभिन्न विभागों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया।

इस सरप्राइज निरीक्षण ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया कि जिला कलेक्टर आलोक रंजन केवल बैठकों और रिपोर्टों के भरोसे नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर पहुंचकर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति जानने में विश्वास रखते हैं। उनकी इस कार्यशैली की प्रशासनिक हलकों में दिनभर चर्चा रही।

ओसियां थानाधिकारी राजेन्द्र चौधरी ने बताया कि जैसे ही सूचना मिली, त्वरित कार्रवाई करते हुए हमारी टीम मंदिर में पहुंचकर मंदिर में मौजूद श्रद्धालूओं को रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला व सर्च आॅपरेशन शुरू किया — राजेन्द्र चौधरी, ओसियां थानाधिकारी।
रिपोर्ट — मनीष ओझा की रिपोर्ट।

ओसियां (जोधपुर)। मनीष ओझा।
विश्व प्रसिद्ध सच्चियाय माता मंदिर में मंगलवार को बम होने की सूचना मिलने से पूरे कस्बे में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही मंदिर परिसर और आसपास के बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई तथा बड़ी संख्या में लोग मंदिर परिसर के बाहर एकत्रित हो गए।
घटना की जानकारी मिलते ही ओसियां थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। इसके साथ ही दमकल विभाग, क्विक रिस्पांस टीम (QRT), डॉग स्क्वाड तथा बम निरोधक दस्ता भी मंदिर परिसर में पहुंच गया। सुरक्षा एजेंसियों ने मंदिर और आसपास के क्षेत्र को अपने कब्जे में लेकर सघन तलाशी अभियान शुरू किया। मंदिर के प्रत्येक हिस्से, प्रवेश द्वार, गर्भगृह के आसपास के क्षेत्र और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की बारीकी से जांच की गई।

मौके पर पहुंची टीमें।

करीब एक घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा टीमों ने मंदिर परिसर के चप्पे-चप्पे को खंगाला, लेकिन किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली। इसके बाद प्रशासन, मंदिर प्रबंधन और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।
बाद में जानकारी सामने आई कि यह संभावित रूप से विभिन्न विभागों की तैयारियों और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण करने के लिए आयोजित की गई मॉक ड्रिल थी। इस दौरान पुलिस, दमकल, डॉग स्क्वाड और अन्य एजेंसियों के मौके पर पहुंचने के समय तथा उनकी कार्यप्रणाली का आकलन किया गया।
अचानक हुए इस घटनाक्रम ने लोगों में उत्सुकता भी पैदा कर दी और यह पूरे कस्बे में चर्चा का विषय बना रहा। हालांकि किसी प्रकार का खतरा नहीं मिलने से स्थिति सामान्य हो गई।
रिपोर्टर — मनीष ओझा।

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