काम की तलाश में ढाका से पहुंची थी राजस्थान, पूछताछ जारी। अजमेर में बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ अभियान के दौरान बड़ी कार्रवाई
अजमेर। युगावर्त व्यास।
अजमेर। राजस्थान के अजमेर जिले में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान और उनके खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर अजमेर पहुंची एक बांग्लादेशी महिला को डिटेन कर डिटेंशन सेंटर भेज दिया है। प्रारंभिक पूछताछ में महिला ने स्वयं स्वीकार किया है कि वह बांग्लादेश से अवैध रूप से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर भारत में दाखिल हुई थी और काम की तलाश में विभिन्न शहरों से होते हुए अजमेर पहुंची। इस कार्रवाई के साथ ही अजमेर पुलिस द्वारा अब तक 58 अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा जा चुका है। यह इस अभियान के तहत पुलिस की 25वीं कार्रवाई बताई जा रही है।
विशेष टीम ने होटल से किया डिटेन
पुलिस के अनुसार, अजमेर जिले में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की धरपकड़ के लिए जिला पुलिस और सीआईडी (विशेष शाखा) की संयुक्त टीम लगातार अभियान चला रही है। 14 जुलाई 2026 को पुलिस थाना कृष्णगंज को सूचना मिली कि क्षेत्र में एक संदिग्ध महिला ठहरी हुई है, जिसके बांग्लादेशी नागरिक होने की आशंका है। सूचना मिलते ही कृष्णगंज थाना पुलिस और सीआईडी (विशेष शाखा) जोन अजमेर की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए कृष्णगंज क्षेत्र स्थित विनायक होटल से महिला को डिटेन कर लिया।
पूछताछ के दौरान महिला की पहचान मीम अख्तर (28 वर्ष) पुत्री अब्दुल सत्तार निवासी चंडिपाशा, पोस्ट ऑफिस कोदालिया, थाना पांकुदिया, जिला किशोरगंज, ढाका (बांग्लादेश) के रूप में हुई। प्रारंभिक पूछताछ में महिला ने स्वीकार किया कि वह अवैध रूप से सीमा पार कर बांग्लादेश से भारत आई थी। उसने बताया कि वह जून 2026 के दौरान भारत में दाखिल हुई और रोजगार की तलाश में अलग-अलग राज्यों एवं शहरों में घूमती रही।
जयपुर और ब्यावर होते हुए पहुंची अजमेर
पुलिस के अनुसार, महिला ने पूछताछ में बताया कि भारत आने के बाद वह पहले अन्य स्थानों पर रही और बाद में जयपुर पहुंची। वहां से वह ब्यावर होते हुए 14 जुलाई को अजमेर पहुंची। महिला ने यह भी स्वीकार किया कि भारत पहुंचने में उसे करीब एक माह का समय लगा। फिलहाल पुलिस उसके भारत आने के पूरे रूट, संपर्कों और संभावित सहयोगियों के संबंध में गहन पूछताछ कर रही है।
डिटेंशन सेंटर भेजी गई महिला
प्राथमिक पूछताछ पूरी होने के बाद पुलिस ने महिला को नियमानुसार डिटेंशन सेंटर भेज दिया है। अब सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि महिला ने भारत में प्रवेश के दौरान किसकी सहायता ली, किन-किन स्थानों पर रुकी और उसका उद्देश्य केवल रोजगार की तलाश था या इसके पीछे कोई अन्य कारण भी है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि जिले में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत तलाशी के दौरान कृष्णगंज क्षेत्र से मीम अख्तर नामक महिला को डिटेन किया गया। उन्होंने बताया कि पूछताछ में महिला ने स्वीकार किया है कि उसने स्वयं अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर अवैध रूप से भारत में प्रवेश किया था। वह काम की तलाश में पहले जयपुर और फिर ब्यावर होते हुए अजमेर पहुंची थी। पुलिस उसके पूरे यात्रा मार्ग और संपर्कों की जांच कर रही है।
58 बांग्लादेशी नागरिक पकड़े जा चुके
अजमेर पुलिस के अनुसार, जिले में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान के लिए लगातार सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। अब तक इस अभियान में 58 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा जा चुका है। वर्तमान कार्रवाई इस विशेष अभियान की 25वीं कार्रवाई है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां होटल, किराये के मकानों, श्रमिक बस्तियों तथा अन्य संभावित स्थानों पर लगातार सत्यापन अभियान चला रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी यह अभियान जारी रहेगा और अवैध रूप से भारत में रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।