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चन्द्रशेखर व्यास पिछले 18 वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़े है। उन्होंने न्युज 18 राजस्थान, इंडिया टीवी न्यूज, नवभारत टाईम्स, टीवी 9 सहित कई संस्थानों में सेवाएं दी है। विधि की पत्रकारिता क्षेत्र में सलमान खान, आसाराम, भंवरी हत्याकांड सहित कई बड़े मामलों में रिपोर्टिंग की है। इसके अलावा नारी उत्थान को लेकर भी इनकी खबरें नींव का पत्थर साबित हुई है। कई मामलों में हाईकोंर्ट ने इनकी खबरों पर संज्ञान लेकर रिर्पोटेबल जजमेंट सुनाएं है।

भीलवाड़ा। सरकारी दफ्तरों में अक्सर कहा जाता है कि “फाइल तभी चलती है, जब जेब हल्की हो।” लेकिन भीलवाड़ा में एक पटवारी के लिए यही सोच भारी पड़ गई। फौतगी नामांतरण के बदले कथित रूप से रिश्वत मांगने वाले पटवारी को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
एसीबी के अनुसार करेडा तहसील के चिलेश्वर पटवार हल्के में कार्यरत पटवारी लोकेश जोशी पर परिवादी से उसके दिवंगत पिता की कृषि भूमि का फौतगी नामांतरण खोलने की एवज में 10 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है। बातचीत के बाद सौदा 8 हजार रुपये में तय हुआ। आरोप है कि पटवारी पहले ही 5 हजार रुपये ले चुका था, जबकि शेष राशि के लिए लगातार दबाव बना रहा था।

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शिकायत मिलने पर एसीबी ने रिश्वत मांग का सत्यापन कराया। इसके बाद बिछाए गए जाल में आरोपी ने परिवादी से 1,000 रुपये लेकर अपनी लोअर की जेब में रख लिए। तभी एसीबी टीम ने उसे दबोच लिया और रिश्वत की राशि बरामद कर ली। पूछताछ के दौरान आरोपी ने शेष 1,000 रुपये बाद में लेने की भी बात स्वीकार की थी

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यह कार्रवाई एसीबी अजमेर रेंज के उप महानिरीक्षक नारायण टोगस के सुपरवीजन में भीलवाड़ा प्रथम इकाई के उप अधीक्षक पारसमल के नेतृत्व में की गई। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच जारी है।
यह कार्रवाई एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि आमजन के वैध और संवेदनशील कार्य भी यदि रिश्वत के बिना नहीं हो रहे हैं, तो व्यवस्था पर भरोसा कैसे कायम रहेगा? हालांकि एसीबी की कार्रवाई यह संदेश भी देती है कि “रिश्वत की रकम चाहे छोटी हो या बड़ी, कानून के शिकंजे से बचना आसान नहीं।”

जोधपुर, जिले में रविवार, 28 जून 2026 से राष्ट्रीय पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया जाएगा। अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग 481222 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी।

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मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेंद्र सिंह शेखावत व डिप्टी सीएमएचओ महेंद्र सिंह कच्छवाह ने बताया कि अभियान के दौरान जिले के सभी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित पोलियो बूथों पर बच्चों को पोलियो की खुराक दी जाएगी। इसके पश्चात आगामी दिनों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को भी पोलियो की दवा पिलाई जाएगी

अभियान के सफल संचालन हेतु प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी, एएनएम, आशा सहयोगिनी एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता नियुक्त किए गए हैं। साथ ही पर्याप्त संख्या में सुपरवाइजर, 237 ट्रांजिट टीम एवं 517 मोबाइल टीमों की तैनाती की गई है, जो अभियान की सतत निगरानी एवं क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगी।

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जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को निकटतम पोलियो बूथ पर अवश्य लेकर आएं तथा पोलियो की खुराक पिलाकर अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें।

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अभियान के दौरान जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी तथा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे।

*“दो बूंद जिंदगी की” – हर बच्चे को, हर बार।*

जोधपुर। हर्षित जोशी,
भारत की प्राचीन तांत्रिक परंपरा एवं प्रसिद्ध शक्तिपीठ कामाख्या धाम से जुड़े कपालिक अघोरी साधक श्री ज्योतिरगुरु विकास महाराजजी का त्रिदिवसीय आध्यात्मिक प्रवास भीड़भंजन बालाजी मंदिर, मसूरिया में आयोजित होने जा रहा है। इस आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं एवं साधकों में विशेष उत्साह का वातावरण है।

आध्यात्मिक परंपराओं के संरक्षण एवं प्रसार में उनका महत्वपूर्ण योगदान।
ज्योतिरगुरु विकास महाराजजी वर्षों से तंत्र, मंत्र एवं भैरव साधना के क्षेत्र में साधनारत हैं। उन्होंने देश के विभिन्न सिद्धपीठों, शक्तिपीठों एवं तपस्थलों में साधना कर आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त किए हैं। विशेष रूप से भैरव उपासना, शक्ति साधना एवं सनातन आध्यात्मिक परंपराओं के संरक्षण एवं प्रसार में उनका महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है।

आत्मशक्ति जागरण से संबंधित महत्वपूर्ण ज्ञान करेंगे प्रदान।
तीन दिवसीय प्रवास के दौरान गुरुजी द्वारा आध्यात्मिक प्रवचन, तंत्र साधना की मूल अवधारणाओं पर मार्गदर्शन, भैरव उपासना के महत्व तथा जीवन में आध्यात्मिक संतुलन स्थापित करने के उपायों पर विशेष चर्चा की जाएगी। भक्तों को साधना, संयम, सेवा एवं आत्मशक्ति जागरण से संबंधित महत्वपूर्ण ज्ञान प्रदान किया जाएगा।

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कार्यक्रम के दौरान विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों को होगा आयोजन।
कार्यक्रम के अंतर्गत भजन-कीर्तन, हवन-पूजन, विशेष आरती एवं धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन भी होगा। श्रद्धालुओं को गुरुजी के सानिध्य में धर्म, अध्यात्म एवं साधना के गूढ़ विषयों को समझने का अवसर प्राप्त होगा।

​बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का होगा जमावड़।
आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सनातन परंपरा, शक्ति उपासना एवं भैरव साधना के प्रति जनजागरण का भी माध्यम बनेगा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं साधकों के उपस्थित रहने की संभावना है।

भीड़ भंजन बालाजी बनेंगा सकारात्मक उर्जा का केन्द्र।
श्रद्धालुओं का विश्वास है कि ज्योतिरगुरु विकास महाराजजी के आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, मानसिक शांति, आध्यात्मिक उन्नति तथा सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा।
जोधपुर भीड़ भजन बालजी मंदिर पहुंचने पर भीड़ भजन बालाजी के प्रमुख भक्तो ने व बालाजी मंदिर मे बनी कृष्ण गो शाला मे स्वागत सम्मान किया जाएंगा।

ओसियां (जोधपुर)। मनीष ओझा,
माँ सच्चियाय की पावन धरा ओसियां में मंगलवार रात्रि को माहेश्वरी प्रीमियर लीग (MPL-2026) का भव्य शुभारंभ हुआ। फ्लड लाइट्स की रोशनी में आयोजित उद्घाटन समारोह में बड़ी संख्या में खेल प्रेमियों, युवाओं एवं ग्रामीणों की मौजूदगी ने आयोजन को उत्साहपूर्ण बना दिया।

​विधायक रविन्द्रसिंह भाटी ने किया उद्घाटन।
प्रतियोगिता का शुभारंभ शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने किया। इस अवसर पर उन्होंने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने का संदेश दिया। विधायक भाटी ने कहा कि खेल युवाओं के व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। खेल अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना विकसित करते हैं, इसलिए युवाओं को अधिक से अधिक खेल गतिविधियों से जुड़ना चाहिए।

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कार्यक्रम में यह लोग रहे मौजूद।
समारोह में पूर्व कैबिनेट मंत्री शंभूसिंह खेतासर, समाजसेवी भगवानदास राठी, माहेश्वरी समाज संस्थान के अध्यक्ष भंवरलाल सोनी, निवर्तमान सरपंच संतोषकंवर भाटी एवं युवा समाजसेवी चक्रवर्ती सिंह खेतासर सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

हर किसी ने कार्यक्रम की सराहना की।
अतिथियों ने आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करती हैं। प्रतियोगिता के दौरान क्षेत्र की विभिन्न टीमें अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी।
आयोजन समिति के संयोजक राहुल चाण्डक एवं मनीष चाण्डक ने सभी अतिथियों, खिलाड़ियों और दर्शकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता के आगामी मुकाबले प्रतिदिन रात्रि में खेले जाएंगे और खेल प्रेमियों को रोमांचक क्रिकेट देखने का अवसर मिलेगा।

विधायक रविन्द्रसिंह भाटी ने युवाओं को खेल से जुड़ने का किया आह्वान।
कार्यक्रम के दौरान विधायक रविन्द्रसिंह भाटी ने युवाओं को खेल से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहां कि खेल शरीर को स्वस्थ रखने का काम करता है और एक स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है।
उद्घाटन समारोह के साथ ही MPL-2026 का क्रिकेट महाकुंभ पूरे उत्साह और जोश के साथ शुरू हो गया।

ओसियां। जोधपुर जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने मंगलवार को अपनी अलग कार्यशैली का एक और उदाहरण पेश करते हुए बिना किसी पूर्व सूचना के ओसियां पहुंचकर पूरे प्रशासनिक तंत्र को चौंका दिया। उनके इस सरप्राइज निरीक्षण ने कुछ देर के लिए पुलिस, प्रशासन और आम लोगों में हलचल मचा दी।

दरअसल, विश्व प्रसिद्ध सच्चियाय माता मंदिर में बम मिलने की सूचना प्रसारित होते ही प्रशासनिक मशीनरी हरकत में आ गई। पुलिस, बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड, दमकल और चिकित्सा विभाग की टीमें सायरन बजाती हुई मंदिर पहुंचने लगीं। मंदिर परिसर को तत्काल खाली करवाया गया और सुरक्षा एजेंसियों ने मोर्चा संभाल लिया।

लेकिन इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा सरप्राइज तब सामने आया, जब मौके पर स्वयं जिला कलेक्टर आलोक रंजन पहुंच गए। अधिकारियों ने जैसे ही उन्हें देखा, उन्हें समझ आ गया कि यह कोई वास्तविक आपदा नहीं बल्कि जिला कलेक्टर द्वारा आयोजित एक सरप्राइज मॉक ड्रिल है।

कलेक्टर ने किसी भी विभाग को पहले से भनक नहीं लगने दी। उनका उद्देश्य था कि वास्तविक आपात स्थिति में प्रशासन कितनी तेजी और गंभीरता से प्रतिक्रिया देता है, इसकी जमीनी हकीकत को परखा जाए। यही कारण रहा कि सभी विभागों का रिस्पॉन्स टाइम, समन्वय और कार्यप्रणाली वास्तविक परिस्थितियों में जांची जा सकी।

सूत्रों के अनुसार, सूचना मिलते ही सबसे पहले ओसियां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालने का कार्य शुरू किया। इसके बाद अन्य विभागों की टीमें भी पहुंचती गईं। जिला कलेक्टर ने पूरे घटनाक्रम की बारीकी से निगरानी की और विभिन्न विभागों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया।

इस सरप्राइज निरीक्षण ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया कि जिला कलेक्टर आलोक रंजन केवल बैठकों और रिपोर्टों के भरोसे नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर पहुंचकर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति जानने में विश्वास रखते हैं। उनकी इस कार्यशैली की प्रशासनिक हलकों में दिनभर चर्चा रही।

ओसियां थानाधिकारी राजेन्द्र चौधरी ने बताया कि जैसे ही सूचना मिली, त्वरित कार्रवाई करते हुए हमारी टीम मंदिर में पहुंचकर मंदिर में मौजूद श्रद्धालूओं को रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला व सर्च आॅपरेशन शुरू किया —राजेन्द्र चौधरी, ओसियां थानाधिकारी।
रिपोर्ट — मनीष ओझा की रिपोर्ट।

ओसियां (जोधपुर)। मनीष ओझा।
विश्व प्रसिद्ध सच्चियाय माता मंदिर में मंगलवार को बम होने की सूचना मिलने से पूरे कस्बे में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही मंदिर परिसर और आसपास के बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई तथा बड़ी संख्या में लोग मंदिर परिसर के बाहर एकत्रित हो गए।
घटना की जानकारी मिलते ही ओसियां थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। इसके साथ ही दमकल विभाग, क्विक रिस्पांस टीम (QRT), डॉग स्क्वाड तथा बम निरोधक दस्ता भी मंदिर परिसर में पहुंच गया। सुरक्षा एजेंसियों ने मंदिर और आसपास के क्षेत्र को अपने कब्जे में लेकर सघन तलाशी अभियान शुरू किया। मंदिर के प्रत्येक हिस्से, प्रवेश द्वार, गर्भगृह के आसपास के क्षेत्र और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की बारीकी से जांच की गई।

मौके पर पहुंची टीमें।

करीब एक घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा टीमों ने मंदिर परिसर के चप्पे-चप्पे को खंगाला, लेकिन किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली। इसके बाद प्रशासन, मंदिर प्रबंधन और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।
बाद में जानकारी सामने आई कि यह संभावित रूप से विभिन्न विभागों की तैयारियों और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण करने के लिए आयोजित की गई मॉक ड्रिल थी। इस दौरान पुलिस, दमकल, डॉग स्क्वाड और अन्य एजेंसियों के मौके पर पहुंचने के समय तथा उनकी कार्यप्रणाली का आकलन किया गया।
अचानक हुए इस घटनाक्रम ने लोगों में उत्सुकता भी पैदा कर दी और यह पूरे कस्बे में चर्चा का विषय बना रहा। हालांकि किसी प्रकार का खतरा नहीं मिलने से स्थिति सामान्य हो गई।
रिपोर्टर — मनीष ओझा।

राजस्थान में तबादलों पर लगा बैन हटते ही जनप्रतिनिधियों के दफ्तरों में ट्रांसफर की डिज़ायर लिखवाने वालों की भीड़ उमड़ने लगी है। लेकिन इस बीच जोधपुर शहर से भाजपा विधायक Atul Bhansali ने ऐसा अनूठा प्रयोग किया है, जिसकी चर्चा राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक हो रही है।
विधायक कार्यालय में ट्रांसफर की अनुशंसा करवाने आने वाले लोगों के लिए एक विशेष “निवेदन बॉक्स” लगाया गया है। खास बात यह है कि यह बॉक्स भगवान श्रीराम की प्रतिमा के सामने रखा गया है। अब जो भी व्यक्ति अपनी डिज़ायर या अनुशंसा लेकर विधायक कार्यालय पहुंचता है, उसे सीधे इस बॉक्स में अपना आवेदन डालने के लिए कहा जाता है।
बॉक्स पर लिखा गया है “मैं अपनी अनुशंसा प्रभु श्रीराम को समर्पित करता हूँ।”
वहीं विधायक की ओर से संदेश भी अंकित है कि “सबकी मनोकामना पूर्ण करने वाले परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना है कि सभी की इच्छाएं पूरी हों।”
तबादला सीजन शुरू होते ही नेताओं के दफ्तरों में सिफारिशी पत्रों और डिज़ायरों का दबाव बढ़ जाता है। ऐसे माहौल में विधायक भंसाली का यह प्रयोग लोगों का ध्यान खींच रहा है। कुछ लोग इसे आस्था से जोड़कर देख रहे हैं तो कुछ इसे बढ़ती डिज़ायर संस्कृति पर व्यंग्य के रूप में भी देख रहे हैं।
हालांकि इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक सवाल भी चर्चा का विषय बना हुआ है। विधायकों की डिज़ायर से आखिर कितनों के तबादले होते हैं? क्योंकि सरकारी प्रक्रिया अपनी जगह है, लेकिन लोगों का मानना है कि भगवान के दरबार में की गई प्रार्थना कभी व्यर्थ नहीं जाती।
फिलहाल जोधपुर में “रामजी के सामने डिज़ायर बॉक्स” वाला यह नवाचार लोगों के बीच चर्चा और जिज्ञासा का विषय बना हुआ है।

रिपोर्टर — चन्द्रशेखर व्यास।

जोधपुर, 23 जून। जोधपुर में प्रस्तावित एलिवेटेड रोड को लेकर सियासी घमासान लगातार तेज होता जा रहा है। एक ओर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इस परियोजना की मंजूरी का श्रेय अपने प्रयासों को दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत इसे केंद्र सरकार की उपलब्धि बता रहे हैं। दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर अब खुलकर सामने आने लगा है।
मंगलवार को जोधपुर दौरे पर आए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए दावा किया कि एलिवेटेड रोड परियोजना को गति दिलाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि जब उनकी सरकार इस परियोजना पर काम कर रही थी, तब सबसे बड़ी चुनौती इसकी डिजाइन और तकनीकी स्वीकृति को लेकर थी।
गहलोत ने बताया कि एलिवेटेड रोड की डिजाइन और तकनीकी पहलुओं पर काम करने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की एजेंसियों और नेशनल हाईवे अथॉरिटी के इंजीनियरों के पास थी। ऐसे में उन्होंने तत्कालीन केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर हस्तक्षेप का आग्रह किया था।
उन्होंने कहा, “मैंने नितिन गडकरी जी को पत्र लिखा था। उन्होंने मेरे पत्र पर तुरंत सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और काम आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया। गडकरी जी अच्छे इंसान हैं। उन्होंने बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के परियोजना को आगे बढ़ाने में सहयोग किया।”
पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इसी पहल और प्रयास के कारण परियोजना को आवश्यक स्वीकृतियां मिलीं और काम आगे बढ़ सका। इसी आधार पर उन्होंने कहा कि एलिवेटेड रोड के पीछे उनके प्रयासों की बड़ी भूमिका रही है।
श्रेय लेने पर नहीं आपत्ति, लेकिन राजनीति पर सवाल
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर निशाना साधते हुए गहलोत ने कहा कि यदि वे इस परियोजना का श्रेय लेना चाहते हैं तो उन्हें उससे कोई आपत्ति नहीं है।
उन्होंने कहा, “वे मंत्री हैं, स्वाभाविक है कि श्रेय लेना चाहेंगे। मुझे इसमें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन गलत और गंदी राजनीति नहीं करनी चाहिए। जनता सब जानती है कि किसने कब और क्या प्रयास किए हैं।”
शेखावत के बयान के बाद बढ़ा विवाद
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले इसी सर्किट हाउस में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने अशोक गहलोत पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया था कि “जोधपुर शहर को पिछड़ा रखने का पाप अशोक गहलोत ने किया है।”
शेखावत के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया था और अब गहलोत ने भी जवाबी हमला करते हुए एलिवेटेड रोड परियोजना को लेकर अपना पक्ष मजबूती से रखा है।
श्रेय की लड़ाई बनी चर्चा का विषय
जोधपुर की बहुप्रतीक्षित एलिवेटेड रोड अभी निर्माण से पहले ही राजनीतिक बहस का केंद्र बन गई है। शहर के विकास से जुड़ी इस परियोजना पर कांग्रेस और भाजपा के दो बड़े नेताओं के बीच श्रेय की जंग लगातार तेज होती नजर आ रही है। आने वाले दिनों1 में यह मुद्दा स्थानीय राजनीति का प्रमुख विषय बना रह सकता है, क्योंकि दोनों पक्ष जनता के सामने अपनी-अपनी भूमिका को प्रमुखता से रखने में जुटे हुए हैं।

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जोधपुर। सांसद और विधायक घोड़ो, गधो, भैंस और बकरियों की तरह बिक रहे है। यह बात पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने जोधपुर के सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए कही।
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने मंगलवार को जोधपुर के सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राजनीतिक दलों में हो रही टूट-फूट और जनप्रतिनिधियों की खरीद-फरोख्त के विषय को लेकर गहरी चिंता व्य​​क्त करते हुए यह बयान दिया उन्होंने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश की राजनीति में हालात इतने खराब हो गए हैं कि “सांसद और विधायक घोड़े-गधों की तरह बिक रहे हैं।”
गहलोत ने महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल तथा अन्य राज्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस प्रकार विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद और विधायक अपनी पार्टियां छोड़कर दूसरी पार्टियों में शामिल हो रहे हैं या अलग गुट बनाकर सत्ता परिवर्तन में भूमिका निभा रहे हैं, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक व्यवस्था में धनबल और सत्ता के प्रभाव का दखल लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे जनादेश की भावना कमजोर हो रही है। गहलोत ने कहा कि जनता जिन प्रतिनिधियों को एक विचारधारा और पार्टी के आधार पर चुनकर भेजती है, उनका बीच कार्यकाल में दल बदलना लोकतंत्र की आत्मा के खिलाफ है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाने और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए राजनीतिक खरीद-फरोख्त पर प्रभावी अंकुश लगाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि यही स्थिति बनी रही तो जनता का लोकतांत्रिक व्यवस्था से विश्वास कमजोर पड़ सकता है।
गहलोत के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सियासी बहस तेज होने की संभावना है।
रिपोर्टर — मनोज गिरी गोस्वामी।

जोधपुर। विश्व संगीत दिवस की पूर्व संध्या पर 20 जून को जोधपुर की सुप्रसिद्ध एवं चर्चित संस्था संस्कारी इवेंट्स द्वारा रोटरी क्लब में हिंदी फिल्मी गीतों के कराओके ट्रैक पर आधारित एक भव्य संगीतमय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में निपुण गायकों के साथ-साथ गाने के शौकीन बच्चों, बड़ों तथा सभी आयु वर्ग की महिलाओं और पुरुषों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए महान गायकों के लोकप्रिय गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, जिससे उपस्थित श्रोताओं का मन प्रफुल्लित हो उठा।

संस्था के संस्थापक अभिषेक शर्मा एवं वंदना शर्मा ने बताया कि संस्कारी इवेंट्स समय-समय पर धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं अन्य रचनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन करती रहती है। उन्होंने कहा कि संस्था का मुख्य उद्देश्य धार्मिक संस्कारों के साथ-साथ जनमानस में संगीत के प्रति गहरा रुझान विकसित करना है।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि रोटरी क्लब की अध्यक्ष श्रीमती मधु समदानी एवं संगीत शिक्षक श्री कमलेश पुरोहित ‘निराला’ रहे। इस अवसर पर निराला जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि “संगीत ईश्वर की देन है और शब्द स्वयं ईश्वर का स्वरूप हैं।” उन्होंने संगीत को आध्यात्मिकता, मानसिक शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का सशक्त माध्यम बताया।
रिपोर्ट — चन्द्रशेखर व्यास।

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