
मरुधरा गौरव सम्मान 2026:11 कला, संस्कृति और संगीत साधकों का हुआ सम्मान
मरुधरा लोक कला और संगीत सेवा संस्थान द्वारा तीसरी बार कार्यक्रम आयोजित कर अब तक किया 33 कलाकारों का सम्मान, तीसरे सोपान में जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के कुलपति पवन कुमार शर्मा ने की अध्यक्षता, जबकि हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश गोपाल कृष्ण व्यास रहे मुख्य अतिथि, पदम श्री अनवर खान ने विशिष्ट अतिथि के रूप में दर्ज कराई अपनी उपस्थिति,जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय की संगीत विभाग की पूर्व अध्यक्ष कविता चक्रवर्ती रही विशिष्ट अतिथि
जोधपुर। चन्द्रशेखर व्यास।
राजस्थान की लोक काला और संस्कृति के संवर्धन और संरक्षण के केंद्र के रूप में तीन वर्षों में अपनी पहचान बनाने वाले मरुधरा लोक कला और संगीत सेवा संस्थान का “मरुधरा गौरव सम्मान-2026” होटल चंद्रा मे समारोह गरिमामय एवं भव्य वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में शिक्षा, न्याय, संगीत, साहित्य, लोककला एवं संस्कृति जगत की प्रतिष्ठित हस्तियों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के आगमन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. पवन कुमार शर्मा, जस्टिस गोपाल कृष्ण व्यास, पद्मश्री अनवर खान एवं वरिष्ठ संगीत साधिका कविता चक्रवर्ती का पारंपरिक स्वागत किया गया।
बाल कलाकार तृष्णा महापात्रा एवं मनस्वी चौधरी ने गणेश वंदना एवं शिव स्तुति की मनमोहक प्रस्तुति देकर उपस्थित जनों को मंत्रमुग्ध कर दिया। संस्थान की अध्यक्ष डॉ. स्वाति शर्मा ने स्वागत उद्बोधन देते हुए संस्थान की गतिविधियों एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डाला और उन्होंने इस अवसर पर मरुधरा लोक कला और संगीत सेवा संस्थान द्वारा पिछले तीन वर्षों में कला और संस्कृति के प्रति समर्पण के किए गए कार्यों और उपलब्धियां का ब्यौरा पेश करने के साथ भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला और बताया कि अब तक 33 कलाकारों को इस मंच पर सम्मानित कर चुके हैं.इस मौक़े प्रख्यात गजल गायक डॉ. रौशन भारती ने अपनी मधुर गजलों से कार्यक्रम का शानदार आगाज किया, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा। कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत अभिनंदन किया गया जबकि इस अवसर पर दीप प्रज्वल के साथ मां सरस्वती को याद करते हुए इस कार्यक्रम का आगाज हुआ.
इस अवसर पर संस्थान की अध्यक्ष डॉक्टर स्वाति शर्मा के सानिध्य में मरुधरा गौरव सम्मान-2026
समारोह में कला, संगीत, नृत्य, चित्रकला एवं समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 11 विशिष्ट हस्तियों को “मरुधरा गौरव सम्मान-2026” से सम्मानित किया गया।सम्मानित विभूतियों में स्वर्गीय सज्जन पुरोहित (मरणोपरांत), पद्मश्री लाखा खान, भूरा राम शर्मा, डॉ. अनुराधा आडवाणी, विदुषी पुलमा दास जोशी, उस्ताद साबिर हुसैन खान, उस्ताद नियाज अहमद खान, डॉ. रौशन भारती, डॉ. मंजूषा चंद्र भूषण सक्सेना, लक्ष्य पाल सिंह राठौड़ तथा अंतरराष्ट्रीय लोक कलाकार सेनू सपेरा शामिल रहे।सेनू सपेरा वर्तमान में पेरिस प्रवास पर होने के कारण उनकी ओर से उनकी बड़ी बहन एवं अंतरराष्ट्रीय लोक कलाकार अलची सपेरा ने सम्मान ग्रहण किया।कार्यक्रम के दौरान सभी सम्मानित विभूतियों के योगदान पर प्रकाश डाला गया तथा उपस्थित जनसमूह ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका अभिनंदन किया।
जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. पवन कुमार शर्मा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते कहा कि,”विश्वविद्यालयों और सांस्कृतिक संस्थाओं का उद्देश्य केवल शिक्षा नहीं, बल्कि संस्कृति और मूल्यों का संरक्षण भी है। मरुधरा लोक कला और संगीत सेवा संस्थान इस दिशा में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है।” जब तीसरी बार यह आयोजन कलाकारों के सम्मान में आयोजित कर 11 विभूतियों को प्रदान किया गया हैँ, यह भी कलाकारों के लिए गौरव की बात है.
मुख्य अतिथि जस्टिस गोपाल कृष्ण व्यास ने संबोधित करते हुए कहा कि,”समाज की आत्मा उसकी संस्कृति और कला में बसती है। जब कलाकारों और संस्कृति साधकों का सम्मान होता है, तब समाज अपनी जड़ों से और अधिक मजबूत होता है। ऐसे आयोजनों की निरंतरता आवश्यक है। जिस प्रकार 3 साल से लगातार कलाकारों को सम्मानित किया जा रहा है वह तो प्रशंसनिक योग्य है ही लेकिन जो कलाकार इस दुनिया में नहीं है उनको भी जो पूरा-पूरा मान सम्मान दिया जा हैँ.
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि और राष्ट्रीय संगीत नाटक अकादमी के उपाध्यक्ष पद्मश्री अनवर खान ने कहा कि,”लोककला हमारी पहचान और हमारी विरासत है। कलाकारों का सम्मान केवल व्यक्तियों का सम्मान नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति का सम्मान है। यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।”
जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय की संगीत विभाग की पूर्व अध्यक्ष कविता चक्रवर्ती ने इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप मे कहा कि,”राजस्थान की धरती सदैव कला और संगीत की साधना की भूमि रही है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का अवसर मिलता है। मरुधरा लोक कला और संगीत सेवा संस्थान का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है।”
आयोजन समिति मे शामिल डिम्पल गौड़, सुरभि शर्मा, डॉ. अर्चना गौड़,सुनंदा पुरोहित,अनीता टाक, रश्मि शर्मा, बिंदु श्रीवास्तव,देवयानी पंवार,स्वाति दीपक शर्मा व ज्योति भटनागर ने जिम्मेदारियां संभालीं.समारोह के अंत में संस्थान की सचिव सुमन परिहार ने सभी अतिथियों, कलाकारों, सहयोगियों एवं उपस्थित जनों का आभार व्यक्त करते हुए आयोजन की सफलता के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन डिंपल माहेश्वरी ने किया,कार्यक्रम का संचालन गरिमामय वातावरण में हुआ तथा पूरे आयोजन में कला, संस्कृति और संगीत के प्रति सम्मान एवं समर्पण का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। इस कार्यक्रम में राजस्थानी लोक कला और संस्कृति से जुड़े संस्थाओं के पदाधिकारियों और प्रमुख समाजसेवियों के अलावा गणमान्य नागरिकों ने शिरकत की.
